बोलने के लिए लिखें
छोटे वाक्य और परिचित शब्द इस्तेमाल करें। पैराग्राफ़ के बीच साफ़ अंतर रखें। जैसे बोलते हैं, वैसे ही लिखें और फिर ऐसे वाक्यांश हटा दें जो आप बातचीत में कभी नहीं कहेंगे।
आरामदायक रफ़्तार तय करें
शुरुआत अपनी उम्मीद से थोड़ी धीमी रखें और एक विचार से दूसरे पर जाने के बीच समय दें। बोलने वाले को जो रफ़्तार सहज लगती है, वह अक्सर दर्शक को ज़्यादा आत्मविश्वासी लगती है।
नज़र कैमरे के लेंस के पास रखें
टेक्स्ट को कैमरे के जितना पास हो सके रखें और अक्षरों का आकार इतना बड़ा रखें कि आंखें सिकोड़कर न पढ़ना पड़े। बार-बार दूसरी ओर देखने के मुकाबले आंखों की हल्की हलचल कम ध्यान खींचती है।
छोटे हिस्सों में रिकॉर्ड करें
एक ही टेक में सब कुछ बिल्कुल सही करने का दबाव न लें। अलग-अलग स्पष्ट हिस्सों में रिकॉर्ड करने से रीटेक आसान होते हैं और अंतिम एडिटिंग में कट लगाने की स्वाभाविक जगहें मिलती हैं।